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राजस्थान : इन विधायकों के मंत्री बनने के आसार
सीपी जोशी, दीपेंद्र सिंह शेखावत, बी डी कल्ला, शांति धारीवाल, विश्वेंद्र सिंह, रघु शर्मा, राजेंद्र पारीक, प्रमोद जैन भाया, गोविंद डोटासरा, भारतसिंह कुंदनपुर, अमीन खान, महेंद्रजीत मालवीय, हरीश चौधरी, डॉ. महेश जोशी, प्रतापसिंह खाचरियावास, परसराम मोरदिया।
मध्यप्रदेश : ये हो सकते हैं मंत्री, 36 नामों पर मंथन
विधानसभा अध्यक्ष - डॉ गोविंद सिंह, केपी सिंह। मंत्री- एनपी प्रजापति, ब्रजेंद्र सिंह राठौर, आरिफ अकील, सज्जन सिंह वर्मा, हुकुम सिंह कराड़ा, बाला बच्चन, विजय लक्ष्मी साधौ, बिसाहूलाल सिंह, सुखदेव पांसे, दीपक सक्सेना, राजवर्द्धन सिंह दत्तीगांव, डाॅ. प्रभुराम चौधरी, सचिन यादव, जीतू पटवारी, पीसी शर्मा, एंदल सिंह कंसाना, लक्ष्मण सिंह/ जयवर्द्धन सिंह, लाखन यादव, हिना कावरे, तुलसी सिलावट,गोविंद राजपूत, लखन घनघोरिया, कमलेश्वर पटेल, तरुण भानौत, ओमकार सिंह मरकाम, रामलाल मालवीय, प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी, दिलीेप गुर्जर, हर्ष यादव, उमंग सिंघार, सुरेंद्र सिंह उर्फ शेरा और प्रदीप जायसवाल (दोनों निर्दलीय)।
छत्तीसगढ़ : इन नेताओं के मंत्री बनने की संभावना
चरणदास महंत, ताम्रध्वज साहू, कवासी लखमा, सत्यनारायण शर्मा, धनेंद्र साहू, लखेश्वर बघेल, रविंद्र चौबे, अमितेश शुक्ल, रुद्र गुरु और कवर्धा से सबसे ज्यादा वोटों से जीते मोहम्मद अकबर।
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राजस्थान
राजस्थान में कांग्रेस 99 सीटों पर है। इसलिए अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री बनने के आसार ज्यादा हैं। गहलोत संकट मोचक हैं और अन्य दलों से उनका मैनेजमेंट भी अच्छा है। इसके पहले भी जब गहलोत मुख्यमंत्री थे तो उन्हें पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। 96 सीटों के साथ कांग्रेस सरकार बनी थी और गहलोत ने सफलतापूर्वक पांच साल राज किया था। सचिन पायलट चूंकि नए हैं, इसलिए कम सीटों की सरकार में उनके सीएम बनने की संभावना कम है।
मध्यप्रदेश
मप्र में कमलनाथ की संभावनाएं ज्यादा हैं। पहले यह संभावना थी कि कमलनाथ और सिंधिया के झगड़े में दिग्विजय सिंह द्वारा अजय सिंह ‘राहुल भैया’ को आगे कर दिया जाता। लेकिन अजय सिंह चुरहट से खुद ही हार गए।
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल का मुख्यमंत्री बनना तय है। क्योंकि वही थे, जो लड़ रहे थे, संघर्ष कर रहे थे। केस झेले, जेल गए। सब कुछ किया। केवल ट्रांसफर, नियुक्तियां कराने वाले नेताओं की दौड़ से बाहर रहे। दूसरा नाम टीएस सिंहदेव का है, लेकिन भूपेश बघेल के सामने सिंहदेव की संभावना ना के बराबर है।
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